दही वड़ा खाने में बहुत स्वादिष्ट होता है।  दही वड़ा वैसे तो भारत भर में बनता है लेकिन उत्तर भारतीय तरीके से बनाये गये दही वड़े का स्वाद ही कुछ निराला होता है । दही वड़े को अधिक मुलायम और स्पंजी बनाने के लिए वड़े बनाने से पहले उड़द दाल के घोल को थोड़ी देर हाथ से फेट लीजिए। दही वड़ा दक्षिण भारत का पारम्परिक पसंदीदा डिश है। जिसे नारीयल के चटनी और दही के साथ खाते है। रेस्टोरेंट में एक लोकप्रिय नास्ते के तौर पर परोसा जाता है। यह कुरकुरा तला हुआ नास्ता उरद दाल और मुंग दाल से बनाते है। दही वड़ा आपके पेट का भी ध्यान रखेगा और स्वाद का भी।  दही वड़े उरद दाल और मूंग दाल मिलाकर या सिर्फ मूंग दाल, या सिर्फ उरद दाल से भी दही वड़े बनाए जाते हैं। इसके लिए यह कहना  गलत नहीं होगा कि विश्व भर में पसंद की जाने वाली भारतीय चाट की रेसिपीज में से ही एक है दही वड़ा रेसिपी हमेशा से पहले स्थान पर रही हैं। वड़े पर दही, चटनी और चाट मसाला डालकर इसे सर्व करें। इसकी हर बाइट आपको बहुत ही मजेदार लगेगी। आज हम उरद की दाल से दही वड़े बना रहे है। तो चलिए दही वड़ा बनाना शुरू करते है।

आवश्यक सामग्री

१)  उरद की दाल – २५० ग्राम
२) दही -२ कप
३) तेल – तलने के लिए
४) किशमिश – १ चमच
५) हींग – १ चुटकी
६) नमक – स्वादानुसार
७) जीरा पावडर – १ छोटा चमच
८) लाल मिर्च पाउडर – २ छोटा चमच
९) इमली की खट्टी-मीठी चटनी – १ कप
१०) हरी मिर्च – २ बारीक़ कटी हुई
११) काला नमक – १ छोटा चमच
१२) चाट मसाला – २ छोटा चमच
१३) अदरक – १/२ चमच पिसा हुआ
१४) बेकिंग सोडा – १ छोटा चमच
१५)  पानी – आवश्यकतानुसार

बनाने की विधि

उरद दाल को कम से कम ५ से ६ घंटे के लिए भिगोकर रख दे। इसके बाद दाल को एक छोटे पतीले में लेकर पानी से २-३ बार धो ले। यदि संभव हो, तो विभाजित उरद दाल की जगह पुरे उरद की दाल (छिलका निकला हुआ) का उपयोग करे।  दाल में से अतिरिक्त पानी निकाल कर उसे ब्लेंडर/मिकसर के जार में डाले। दाल को बारीक़ होने तक पीस ले। अच्छी तरह से पीसने के लिए पिसते समय थोड़ा ठंडा पानी डालते हुए बारीक़ पीस ले।बहुत ज्यादा पानी मत डाले (२ से ४ चमच  पानी से भी कम पानी डाले)। दाल को आसानी से पीसने के लिए पिसते समय एक चमच की मदत से जार की सभी बाजु से दाल को निकाले और आवश्यकता के अनुसार पानी छिड़के। घोल गाढ़ा होना चाहिए।
पिसी हुई दाल को ४ से ५ मिनिट अच्छे से फैंट लीजिए। फिर, इसमें नमक, कटी हुई हरी मिर्च, अदरक की पेस्ट और हींग डाल दीजिए तथा दाल के फ्लफी होने तक इसी तरह अच्छे से फैंटते रहिए।
एक गहरी कड़ाई या फ्राईंग पैन में मध्यम आंच पर तेल गर्म करे। अपनी हथेली को पानी से गिला करे। अपनी हथेली पर निम्बू जितना घोल ले और उसे हलके से दबाकर गोल आकर का वड़ा बनाए।अपने अंगूठे का उपयोग करके बिच में एक छेद करें। जब तेल मध्यम गरम हो जाये तो धीरे धीरे उसमे  वड़ा डाले उनको पलटे और जब तक वे हलके सुनहरे भूरे रंग के और कुरकुरे नहीं होते तब तक तले। अतिरिक्त तेल निकाल और उन्हें प्लेट में पेपर नैपकिन के ऊपर रखे। बचे हुए घोल के लिए यह प्रक्रिया दोहराए।
दही वड़ों को सर्व करने से पहले गरम पानी में 15 मिनिट के लिए वड़े को भिगोकर रख दीजिए। गरम पानी में थोड़ा सा नमक भी डालकर मिक्स कर लीजिए। १५ मिनट बाद वड़े को निचोड़के सर्विंग प्लेट में रख दीजिए।
इन्हें परोसने के लिए एक प्लेट में ४ से ५ वड़े रखिए तथा ऊपर से ६ से ७ छोटे चमच फैंटा हुआ दही और २ छोटे चमच हरे धनिये की चटनी डालिए। ऊपर से स्वादानुसार नमक, जरासा काला नमक, जरा सा भुना जीरा पाउडर डाल दीजिए। फिर, २ छोटे चमच खट्टी- मीठी चटनी, दोबारा थोड़ा सा दही और जरा सा लाल मिर्च पाउडर डाल दीजिए।  खट्टे-मीठे स्वाद से भरे दही वड़े ऎसे ही सर्व कीजिए और मज़े से खाइए।

सुझाव

१) दाल को पीसते समय बहुत ही कम पानी का उपयोग करें।  बिना पानी के आसानी से पिस लिया तो भी चलेगा।