गुलाब जामुन का नाम सुनते ही सबके मुँह में पानी आ जाता है। गुलाब जामुन घर पर बनाये हुए बहुत अच्छे लगते है। कोई भी त्यौहार हो या मेहमान आने वाले हो, गुलाब जामुन बनाना और खाना सबकी पहली पसंद होती है। गुलाब जामुन को आप बनाकर कम से कम दस दिन रखकर खा सकते है। गुलाब जामुन में मुख्य भाग तो मावे का ही होता है। पुराने समय में मावा घर पर ही बनाते थे, लेकिन अब तो बाहर से लाना पड़ता है। गुलाब जामुन अच्छे होने के लिए मावा अच्छा होना चाहिए। मावा भी ऐसा होना चाहिए जो खाने में बहुत स्वादिष्ट और मुँह में जाते ही घुल जाता हो।
गुलाब जामुन एक लोकप्रिय भारतीय मिठाई है, जिसे त्योहार से लेकर शादी की पार्टी या अन्य किसी भी खास मौके पर बनाया जाता है। मुलायम, स्पंजी और नाजुक, केसर और इलायची के स्वाद वाली चाशनी में भीगे हुए गुलाब जामुन भारत की पारंपरिक मिठाई है। कई बार आम दिनों में भी गुलाब जामुन खाने का मन करता है तो इसे हम आसानी से घर पर बना सकते है।  गुलाब जामुन को आप घर पे सिर्फ तिस मिनट में भी बना सकते है। गुलाब जामुन को आप खाना खाने के बाद स्वीट डिश के रूप में भी सर्व कर सकते है। कई लोग गुलाब जामुन पर रबड़ी डालकर भी सर्व करते है।

गुलाब जामुन बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

१) मावा – १५० ग्राम
२) सूजी – १ कप
३) गेहूं का आटा – १/२ कप
४) सोडा – २ टी स्पून
५) दूध – १/२ कप (आटा गूंधने के लिए)
६) तेल – २ कप (तलने के लिए)

चाशनी बनाने की आवश्यक सामग्री

१) चीनी – २ कप
२) इलायची पाउडर – २ चमच
३) पानी – २ कप

आटा गूंधने की विधि

एक बर्तन में मावा को हाथ से अच्छी तरह बारीक़ करे। मावे में गुठलिया नहीं पड़नी चाहिए। अब मावे में सोडा, सूजी और गेहूं का आटा डालकर अच्छे से मिक्स कर ले। बाद मे दूध की मदत से आटा गूंध ले। आटा ज्यादा नरम नहीं होना चाहिए। ध्यान रहे मावा, सूजी और आटा सूखा भी नहीं रहना चाहिए। यदि सूखा लग रहा है तो हथेलियों को दूध से गिला करके फिर से गूंध ले। जब मावा,गेहूं का आटा और सूजी को अच्छी तरह गूंध कर मिश्रण तैयार हो जाये तो इसको बराबर पेड़े के आकर के गोले बना ले, अच्छी तरह बन जाने के बाद प्लेट में रख लीजिए। सारे गोले इसी तरह तैयार कर लीजिए।
अब गॅस पर एक कड़ाई में तेल डालकर गरम कर लीजिए। गुलाब जामुन तलने से पहले तेल गरम हुआ है या नहीं टेस्ट कर सकते है( एक गुलाब जामुन को तेल में डालकर तले इससे पता चल जायेगा तेल अच्छे से गरम हुआ है या नहीं) इसके बाद स्तिथि अनुसार गॅस की आंच धीमी या तेज कर सकते है। गुलाब जामुन तलते समय गॅस धीमी आंच पर रख कर ही तले।
३-४ गोले एक साथ कड़ाई में डालकर गॅस की आंच धीमी रख  कर तले। गुलाब जामुन चारो तरफ से सुनहरा रंग हो जाये तो निकाल लीजिए। तले हुए गुलाब जामुन निकाल कर प्लेट में रखिए। थोड़ा ठंडा होने पर या दो मिनट के बाद चाशनी में डाल दीजिए। इसी तरह सारे गुलाब जामुन तल लीजिए और थोड़ा ठंडा होने पर चाशनी में डाल दीजिए।

चाशनी बनाने के लिए विधि

चाशनी के लिए एक बर्तन में चीनी और पानी डालकर गॅस पर धीमी आंच पर रख दीजिए और चीनी के घुलने तक इसे चमच की सहायता से हिलाते रहे। जब चीनी घुल जाये तब गॅस की आंच तेज कर के उबाले। चाशनी को गाढ़ा होने तक पकाए। एक चमच में चाशनी लेकर उसकी  जाँच कर देखे। चाशनी के घोल को लेकर एक-दो बूंद प्लेट में टपकाये। अंगूठे और अंगुली के बिच चिपका कर देख लीजिए चाशनी ऊँगली और अंगूठे के बीच चिपकनी चाहिए। चाशनी को ठंडा करके, छान लीजिए। फिर गॅस पर रख दे और इसमें पीसी हुए इलायची मिलाकर एक मिनट तक पकाए। गॅस बंद कर दे और इस तैयार चाशनी में गुलाब जामुन डाल दे। आधे घंटे में गुलाब जामुन चाशनी को अच्छी तरह सोख लेंगे। हमारे स्वादिष्ट गुलाब जामुन तैयार है। कटोरी में लेकर खा सकते है।

सुझाव

१) आटा गूंधने  के लिए  दूध की जगह पानी का प्रयोग कर सकते है।
२) तलने के लिए यहाँ हमने तेल का इस्तमाल किया है आप चाहे तो घी का भी इस्तमाल कर सकते है।
३) ज्यादा गरम चाशनी में गुलाब जामुन मत डालिए वे टूटू जाते है।